Hindi Kavita on Life – काहे का सोच विचार करे


देखिये जीवन में जो हो रहा है, सब कुछ हमारे हित के लिए ही हो रहा है. बस यही इस किवता का मुख्य बिंदु है. आज हम पढ़ेंगे Hindi Kavita on Life. देखिये जब-जब हम जीवन का बिरोध करने लगते है. तब-तब हम जीवन से संघर्स करने लगते है और हम अपने आप से ही परेशान हो जाते है. और हम कहते है आखिर मेरे ही साथ ऐसा क्यों होता है.

मै सिर्फ आपको इतना बताना चाह रहा हूँ की जो आप जीवन में सोचे है, जिस तरफ आपका झूकाव ज्यादा है या जिस चीज पर आपका focus ज्यादा रहता है.

ये यूनिवर्स आपके लिए उन सारी चीजे को आपके अस्तित्व लाने के लिए निरंतर काम करता है अगर फिल्मी डायलॉग में कहे तो

” आप जिस चीज को पुरे दिल से चाहते है तो ये पूरी कायनात उससे मिलाने में आपकी मद्दत करती है ”

मतलब साफ है आज जिसमे ध्यान देंगे वही आपके साथ होने लगेगा. जैसे आपने देखा होगा की अगर किसी दिन आपके साथ थोडा बहुत बुरा हो जाता है तो आप कहते है ” मुझे पता है आज मेरे साथ पुरे दिन कुछ ना कुछ बुरा होगा.

और आपके साथ सच में कुछ ना बुरा होता जाता है आप चाहते भी नही है तब भी आपसे गलती हो जाती है. ये सब आपके सोच का ही परिणाम होता है


लेकिन ज्योही आप किसी पल सोचते है मेरे साथ हमेशा अच्छा ही होता है. जो होता है मेरे सिखने के लिए होता है मेरे आगे बढने के लिए होता है मेरे प्रोग्रेस के लिए होता है तो आप नोटिस कर पाएंगे की आप के साथ हर वो चीज हो रहा है.

जिससे आप अपने आप को कल से एक अच्छा करैक्टर देख पाते है अपने आप में बहुत से बदलाव देख पाते है ये सब आपके सोच का कमाल है

“जैसा आप सोचते है वैसा आप बन जाते है.”

ये सोचना अच्छा या बुरा दोनों हो सकता है यूनिवर्स इसमे फ़िल्टर नही करता है कि आप अच्छा सोच रहे है कि बुरा

अगर आप सोचते है कि बहुत दुःख है तो ये (यूनिवर्स / मन / विचार / प्रकृति ) आपको 10 ऐसे बात बता देगी की दुःख कैसे है।

अगर आप सोचते है बहुत मज़ा है तो ये प्रकृति आपको 10 ऐसे चीज बता देगी की मज़ा कैसे है, इसलिए फोकस हमेशा अच्छा होने पे देना है।


तो चलिए जीवन की कविता की ओर आगे बढ़े उससे पहले हम आपको एक चायनीज फिलॉसफर लाओ-त्सु  का एक व्यक्तंग सुनाते है.

एक बार लाओ-त्सु एक पेड़ के टहनी से टूटते हुए पत्ते को बहुत ध्यान से देख रहे थे तभी एक पत्ता पेड़ के टहनी से टूट कर निचे गिरने लगता है और ऐसा कहा जाता है उसी को देखते देखते लाओ-त्सु को ज्ञान हो गया.

उन्होंने मनुष्यता के पुरे जीवन के सिख को वहा से ले लिया. वे कहते है पेड़ से टुटा पत्ता ज्योही टहनी से टूट कर निचे गिरता है तो हवा उसको दाए ले जाती है तो दाए जाता है और उसे बाए ले जाती है तो बाए जाता है वह पत्ता हवा का विरोध नही करता है.

और एक समय आता है वह अपने मंजिल जमीन पर पहुच जाता है क्योकि उसे आखिरकार जमीन पर ही आना था. यहा पर संकेत पत्ता, मनुष्य का जीवन है और हवा का झोका, मनुष्य की परस्थितिया है.

सीखनी वाली बात ये है जो भी परस्थितिया हमारे साथ होती है. सब हमारे लिए ही होती है सब हमे कुछ ना कुछ सिखने के लिए आई रहती है जैसा आप अपने जीवन की धारा को रखे है आप उसी ओर बढ़ रहे है.

बस जो हो रहा है उसे पूरी समग्रता से स्वीकार करना है. स्वीकार करना मतलब action ना लेना नही होता है.

इसका मतलब होता है अगर आप में कोई कमी है तो उसे स्वीकार कर लीजिये हां मेरे में कमी है मै इसे स्वीकार करता हूँ

इतना अपने आप से बोलने के बाद इसे कमी को दूर करने के लिए हर वो हर possible action लेना है जिससे आप हर रोज खुद से बेहतर देख पाए.

तो चलिए इसी के साथ अब तो कविता को शुरू ही कर देते है.

इस कविता मे नदी का अर्थ आपके जिवन-धारा से लिया गया है मतलब जिस अच्छी या बुरी परिस्थितियों से आप गुजर रहे है और इसमे बहने का अर्थ है उसे पुरी तरह स्वीकार करना कि जो हो रहा है मेरे अच्छे के लिये हो रहा है


नदी बह रही इसमें बह जा , काहे का सोच विचार करे,
बुद्ध नानक कबीर ने तुमको , समझाया है बात यही ,
बना तालमेल इस कुदरत से , रास्ता दिखाती तुमको सही,
जीवन धारा के , नदी में इतना,
काहे तू कुदन को डरे ,
नदी बह रही, इसमें बह जा,
काह का सोच विचार करे।


है कहते कृष्णा गीता में,
कर कर्म बिना फल के चिंता के,
नानक समझाते है तुमको,
जी तू जिन्दगी उसकी रज़ा समझ के,
बढ़ तू आगे जीवन में अपने,
खुद काहे चिंता का बोझ धरे,
नदी बह रही इसमें बह जा,
काहे का सोच विचार करे।


कितनी बार इस जीवन धारा,
के विपरित तू बहना चाहा,
केवल छोड़ निराशा के,
तेरे पास कुछ हाथ ना आया,
है बहु तेरे जीवन के अनुभव,
इसमें काहे ना विचार करे,
नदी बह रही इसमें बह जा,
काहे का सोच विचार करे।


बुद्ध कहते बन जा खुद दीपक,
ये पत्ता -पत्ता सिखा रहा,
ये कुदरत ही तो गुरु है तेरा,
हर पल रास्ता दिखा रहा,
बढ़ जाए आगे जो बढना चाहे,
बस जागने की जो कला धरे,
नदी बह रही इसमें बह जा,
काहे का सोच विचार करे।


इस कविता से महतवपूर्ण सिख !


आईये अब हम सब समझते है की यह कविता बहुत गहरे अर्थ हमें क्या सिखाने की कोशिश कर रही है.
देखिये जितने भी महापुरुष इस धरती पर आज तक हुए है

वो चाहे बुद्ध हो , lord Krishna हो , lord राम हो या Jesus Christ हो सबके जीवन में दुखो का पहाड़ था.
लेकिन उन्हें प्रकृति के साथ तालमेल बनाने की कला पता थी जो जैसा है उसे वैसा पूरी समग्रता के साथ स्वीकार करना आता था.


बस यही कला हमे सीखनी है जिसे आप दुःख या समस्या बोलते है असल में वो ही आपको physically, mentally strong बनाने के लिए आई रहती है

अगर आप ध्यान से पीछे देखते है तो आपको पता चलता है. हर समस्या हमारे लिए एक समाधान का दरवाजा खोलती है
दुसरे शब्दों में कहे तो हर समस्या हमारे लिए किस ना कीसी चीज के लिए समाधान थी.


वो मुझे बहुत कुछ सिखा के गयी और मेरे अन्दर इतना बदलाव देखने को मिला. अगर वो ना होता तो शायद मै उतना सिख पाता और उतना सजग हो पाता.

मतलब साफ है जो भी हम लोगो के साथ हो रहा है उसमे से कुछ ना कुछ अपने सिखने के लिए निकाल लेना ही दुनिया की सबसे बड़ी समझदारी भरी बात है. और सारे Millionaire, Billionaire या किसी भी फील्ड में Successful Person के अंदर ऐसा attitude और नजरिया होता ही है. तभी वो लोग अच्छे लेवल पर है.

और वे हमेशा आगे बढने में विश्वास करते है इसलिए कुछ बड़ा achieve करने के लिए निरंतरता बहुत जरुरी है,

इसलिए मैंने अपने जीवन के दो SUCCESS MANTRAS बनाये है.

पहला : वो सारे काम मत करो या उस ढंग से मत करो जो एक Ordinary Person करता है. ये काम छोटा से छोटा और बड़ा से बड़ा दोनों हो सकता है जैसे : खाना, पीना , सोना, चलना, बैठना , बाते करना , सोचना या जीवन का कोई बड़े फैसले लेना इत्यादि


और दुसरा SUCCESS MANTRAS है जिसे आप जरुर याद रखियेगा

“निरंतरता आपको आनन्द देता है
और आनंद आपको MASTERY”

जी हाँ आपने सही पढ़ा आनन्द ही एक मात्र ऐसी चीज है जो आपको किसी भी काम में MASTERY दिला सकता है.

अगर आप दुःख चिंता और frustration के पल से गुजर रहे है और आप सोच रहे है की मै औरो की तरह SMART क्यों नही हूँ, मै कुछ लोगो की तरह Creative क्यों नही हूँ या मै औरो की तरह अपने काम में Genius क्यों नही हूँ

तो आप इतना समझिये ये यूनिवर्स आपको तब भर भर के देने लगता है. जब आप अपने काम के प्रति बहुत ख़ुशी, प्रेम और कृतज्ञता से भर जाते है.

जितना ही आप GRATITUDE से भरते है उतना ही आपको gratitude प्रकट करने के मौके और मिलने लगते है. अगर आसान शब्दों में कहा जाय तो अगर आप एक बार ख़ुशी से झूम कर नाचते है तो ये प्रकृति आपके लिए ऐसे 10 और मौके तैयार कर देगी जिससे आप खुश हो सकते है.

” मतलब आपका मनोभाव जिस दशा में रहता है आप उसी चीज को अपने जीवन में आकर्षित करने लगते है,”

अगर आपके जीवन की गाड़ी कभी पटरी पर से उतर जाती है तो मेरा सुझाव यहा आपसे ये है की आप परेशान होने के बजाय उसे 2 – 4 दिन या हफ्ते-महीने खूब कड़ी मेहनत करके. उसे वापस पटरी पर ला लीजिये .

अगर आप एक बार पटरी पर ला लेते है तो फिर से वही ख़ुशी वही उमंग आपके जीवन में भरने लगता है ज्योही आप एक बार आप अपने काम से ख़ुशी प्रेम कृतज्ञता से भरते है तो तुरंत उसी क्षण 10 और ऐसे रास्ते बन जाते है.

जो आपको ख़ुशी और प्रेम से भर देगा. तो आखिरकार हमने पूरी summary से ये सिखा की हमे ज्यादा से ज्यादा अपने काम में ख़ुशी के मौके ढूंढते रहना है. और पूरी निरंतरता से आगे बढ़ते रहना है. इसी के साथ हम अपनी लेख को समाप्त करते है.

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